Monday, February 2, 2015

देखा है.

बहुत सरल है पता लगाना .
मैने किस -किस संग तुम्हे देखा है.
कभी दिखे तुम राधा संग.
कभी मीरा संग तुम्हे देखा है.
घूमा में सारी बृज की गालिया,
सोचा तुम गय्या चराने आओगे.
खुद को बनाया कुरुक्षेत्र की भूमि,
सोचा तुम महानायक बनकर आओगे.
ढूंढ रहा हूँ, तुम्हे कब से केशव,
कैसे तुम्हे में पाऊगा,
लौट आओ धरा पर मोहन
 कैसे गगन में, मै आउगा.
कभी दिखे तुम शेषनाग पर.
कभी राधा घाट पर देखा है.
कभी दिखे तुम राधा संग.

कभी मीरा संग तुम्हे देखा है.