Wednesday, January 21, 2015

कर्त्तव्य

कितनी मेहनत कर माता ने, ममता को भगवान बनाया.
 पिता ने जेठ दुपहरी, माथे का पसीना देखा नहीं.
       तेरे सपनो का संसार बनाया .
 खुद के लिए बस मांगा तुझ को और,
    सब पाकर भी तुझ पे लुटाया..
हर खवाहिश को पूरा कर दिया, सोचा नहीं तूने कभी जीने.
अब बारी है कलयुग तेरी, पूरा कर तू उन्हें बिना गिने.........

Tuesday, January 20, 2015

याद

रुला कर दिल को मेरे वो, बहाने ढूंढ लाया है.

मोहब्बत में जुदाई का उपहार लाया है.

मैने सीने में धड़कते दिल से पूछा है...

भुला कर जो गया मुझको, तुझे वो ही क्यों याद आया है.

Tuesday, January 13, 2015

वजह

जिंदगी जी भर जी के रोया क्यों ऐ, ग़ालिब ,
    रोने की वजह तो बता .
चंद चेहरे देख कर जला तू ,
    जलने की वजह तो बता .
हमने तो इश्क़ में हार की बाजी को जीता है ,
 तू जीत कर भी क्यों हारा ...

   हारने की वजह तो बता.

Thursday, January 1, 2015

2015


New year 2015

विगत वर्ष की हर्षित रात गई,
कुछ नये सपनो के संग नयी सुबह हुई,
पुरानी निराशाओं को मन से हरे,
नयी उमंगो को जीवन में भरे,
आशा का अनुपम सूर्य उदित हो,
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना विदित हो.