Monday, November 21, 2016

अब शायद मुझसे नहीं.

अब शायद मुझसे नहीं , पर कभी मेरे किसी काम से तो मिलोगे।  
अब शायद मुझसे नहीं , पर कभी मेरे किसी नाम से तो मिलोगे।    
          बदलने में समय लगता है कोयले को हीरे में।  
अब शायद कोयले से नहीं , पर कभी उँगली में अपनी किसे हीरे से तो मिलोगे। 

Thursday, November 3, 2016

फर्क

शास्त्रों के हिसाब से ,पापियों और भ्रष्टाचारियों के गुणवान सन्तान नही हो सकती फिर भी देश इन्ही के हाथों मे देश था। अब नहीं हैं, दिक्कतें तो सब को होगी।