"बहुत चेहरे पढ़े
मेने, मगर तुझे देखे बिना दिल दे मै बैठा.
दिया किसी को
कुछ नहीं मैने, और खुदा से पहले तुझे मांग में बैठा.
तेरी दुनिया
में वापस लौट आने की तमन्ना थी मेरी मगर..
याद था मुझे
जब दिल मेरा टूटा और चुप चाप तू बैठा".
"ऐसी दौलत नहीं
पास मेरे, कि मोहब्बत के सौदागरों से मोहब्बत कैसे मै ले आऊ.
वफ़ा कि पूँजी
को गिरवी रख, उधार कैसे मै ले आऊ.
तेरी सीरत का
तुझे पता होगा, अपनी को मै जानू.
बेच कर राधा
को, कृष्ण कैसे में ले आऊ".
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