कितनी मेहनत कर माता ने, ममता को भगवान बनाया.
पिता ने जेठ दुपहरी, माथे का पसीना देखा नहीं.
तेरे सपनो का संसार बनाया .
खुद के लिए बस मांगा तुझ को और,
सब पाकर भी तुझ पे लुटाया..
हर खवाहिश को पूरा कर दिया, सोचा नहीं तूने कभी जीने.
अब बारी है कलयुग तेरी, पूरा कर तू उन्हें बिना गिने.........
पिता ने जेठ दुपहरी, माथे का पसीना देखा नहीं.
तेरे सपनो का संसार बनाया .
खुद के लिए बस मांगा तुझ को और,
सब पाकर भी तुझ पे लुटाया..
हर खवाहिश को पूरा कर दिया, सोचा नहीं तूने कभी जीने.
अब बारी है कलयुग तेरी, पूरा कर तू उन्हें बिना गिने.........
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