मोहब्बत
mohabatt
Tuesday, January 13, 2015
वजह
जिंदगी
जी
भर
जी
के
रोया
क्यों
ऐ,
ग़ालिब
,
रोने
की
वजह
तो
बता
.
चंद
चेहरे
देख
कर
जला
तू
,
जलने
की
वजह
तो
बता
.
हमने
तो
इश्क़
में
हार
की
बाजी
को
जीता
है
,
तू
जीत
कर
भी
क्यों
हारा
...
हारने
की
वजह
तो
बता
.
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