बहुत छोटी सी दूरी थी , वर्षों लग गये गुजर जाने में
सब कुछ लूटा बैठा में महोब्बत के हरजाने में
अब बहुत दूर है ठिकाना उसका मेरे ठिकाने से
बस चंद यादे है बाकी अब मेरे खजाने में।
सब कुछ लूटा बैठा में महोब्बत के हरजाने में
अब बहुत दूर है ठिकाना उसका मेरे ठिकाने से
बस चंद यादे है बाकी अब मेरे खजाने में।
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