Monday, November 21, 2016

अब शायद मुझसे नहीं.

अब शायद मुझसे नहीं , पर कभी मेरे किसी काम से तो मिलोगे।  
अब शायद मुझसे नहीं , पर कभी मेरे किसी नाम से तो मिलोगे।    
          बदलने में समय लगता है कोयले को हीरे में।  
अब शायद कोयले से नहीं , पर कभी उँगली में अपनी किसे हीरे से तो मिलोगे। 

Thursday, November 3, 2016

फर्क

शास्त्रों के हिसाब से ,पापियों और भ्रष्टाचारियों के गुणवान सन्तान नही हो सकती फिर भी देश इन्ही के हाथों मे देश था। अब नहीं हैं, दिक्कतें तो सब को होगी।

Monday, February 2, 2015

देखा है.

बहुत सरल है पता लगाना .
मैने किस -किस संग तुम्हे देखा है.
कभी दिखे तुम राधा संग.
कभी मीरा संग तुम्हे देखा है.
घूमा में सारी बृज की गालिया,
सोचा तुम गय्या चराने आओगे.
खुद को बनाया कुरुक्षेत्र की भूमि,
सोचा तुम महानायक बनकर आओगे.
ढूंढ रहा हूँ, तुम्हे कब से केशव,
कैसे तुम्हे में पाऊगा,
लौट आओ धरा पर मोहन
 कैसे गगन में, मै आउगा.
कभी दिखे तुम शेषनाग पर.
कभी राधा घाट पर देखा है.
कभी दिखे तुम राधा संग.

कभी मीरा संग तुम्हे देखा है.

Wednesday, January 21, 2015

कर्त्तव्य

कितनी मेहनत कर माता ने, ममता को भगवान बनाया.
 पिता ने जेठ दुपहरी, माथे का पसीना देखा नहीं.
       तेरे सपनो का संसार बनाया .
 खुद के लिए बस मांगा तुझ को और,
    सब पाकर भी तुझ पे लुटाया..
हर खवाहिश को पूरा कर दिया, सोचा नहीं तूने कभी जीने.
अब बारी है कलयुग तेरी, पूरा कर तू उन्हें बिना गिने.........

Tuesday, January 20, 2015

याद

रुला कर दिल को मेरे वो, बहाने ढूंढ लाया है.

मोहब्बत में जुदाई का उपहार लाया है.

मैने सीने में धड़कते दिल से पूछा है...

भुला कर जो गया मुझको, तुझे वो ही क्यों याद आया है.

Tuesday, January 13, 2015

वजह

जिंदगी जी भर जी के रोया क्यों ऐ, ग़ालिब ,
    रोने की वजह तो बता .
चंद चेहरे देख कर जला तू ,
    जलने की वजह तो बता .
हमने तो इश्क़ में हार की बाजी को जीता है ,
 तू जीत कर भी क्यों हारा ...

   हारने की वजह तो बता.